VAINGANGA NEWS 24/ विशेष प्रतिनिधी,
गडचिरोली,०६ मे २०२६::- महाराष्ट्र के गडचिरोली जिले के एक दर्गम क्षेत्र से बेहद दखद और झकझोर देने बाली घटना सामने आई है। कांदोली गांव की एक महिला की समय पर इलाज न मिलने के कारण मौत हो गई। इस घटना ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं, एंबुलेंस व्यवस्था और खराब सड़क हालात पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, महिला की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद परिजनों ने उसे अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन गांव से अस्पताल तक जाने के लिए उचित सड़क सुविधा उपलब्ना नहीं थी। इसके साथ ही समय पर एंबुलेंस भी नहीं पहुंच सकी। खराब रास्तों और यातायात की असुविधा के कारण महिला को समय पर उपचार नहीं मिल पाया, जिसके चलते उसकी रास्ते में ही मौत हो गई।
गढ़चिरोली में हृदयविदारक घटना, स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल :-
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। दर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव, एंबुलेस की अनुपलब्धता और जर्जर सड़कों के कारण अक्सर मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। कई बार मरीजों की घंटों तक कयों पर उठाकर या निजी साधनों से ले जाना पड़ता है, जिससे उनकी जान जोखिम में पड़ जाती है।
इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि सरकार द्वारा किए जा रहे दानों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है। प्रामीणों का कहना है कि जब मुख्यमंत्री के पालकत्व वाले जिले में ही मरीजों को इलाज के अभाव में जान गंवानी पड़ रहते है, तो आम जनता आखिर न्याय के लिए किसके पारा जाए?
अधिकारियों का पक्ष भी सामने आया : इस पूरे मामले पर जब जिला स्तर के अधिकारी डॉ. प्रताप विदि से जानकारी ली गई, तो उन्होंने अलग ही पक्ष रखा। उनके अनुसार, संबंचित महिला विष प्रयोग के कारण गंभीर स्थिति में पहुंची थी। उन्होंने बताया कि महिला के परिजनों ने समय पर स्वास्थ्य विभाग से संपर्क नहीं किया और न ही एंबुलेंस की मांग की। डॉ. शिदि के अनुसार, परिजन महिला को अपनी मर्जी से दो पहिया वाहन से बुर्गी गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जा रहे थे। यदि स्वास्थ्य विभाग को समय पर सूबना दी जाती, तो तात्काल कांदोली गांव तक एंबुलेंस भेजकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जा सकता था और महिला को बचाने का प्रयास किया जा सकता था। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस मामले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हुई है और परिजनों की लापरवाही के कारण ही महिला की मृत्यु हुई है।
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उबस्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने और दर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं, एंबुलेंस सुविधा व सड़क व्यवस्था को मजबूत करने की मांग उठाई है।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि क्या ह्रामीण और अदिवासी क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं बास्तव में प्रभावी रूप से पहुंच रही है या नहीं। अब सभी की नजर प्रशासन पर टिकी है कि वह इस मामाले में क्या ठोस कदम उठाता है, ताकि भविष्य में ऐसी दखद घटनाओं की पुनरावृति रोकी जा सके।
